बाराबंकी में एसटीएफ से मुठभेड़ में मारा गया खूंखार अपराधी टिंकू उर्फ कपाला

लखनऊ में भी पिछले साल 22 जुलाई को टिंकू कपाला गैंग के 3 बदमाश मुठभेड़ में गिरफ्तार किए गए थे।लखनऊ। बाराबंकी के सतरिख थाना क्षेत्र में आज रात एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गए चौक कोतवाली अंतर्गत दिलाराम बारादरी, निवाजगंज निवासी हिस्ट्रीशीटर टिंकू उर्फ कपाला उर्फ कमल  हेमंत कुमार उर्फ संजय उर्फ मामा पर 22 जुलाई 2019 को लखनऊ जोन पुलिस की ओर से एक लाख का पुरस्कार घोषित किया गया था।इसी दिन (22 जुलाई 2019) लखनऊ में कृष्णानगर इलाके में मुठभेड़ के दौरान हुई मुठभेड़ में टिंकू कपाला गिरोह के तीन बदमाश चौपटिया के अजय गुप्ता उर्फ टिंकू नेपाली, गढ़ी कनौरा के लईक व वृंदावन का मोहक शास्त्री पुलिस की फायरिंग से घायल हुए थे, बदमाशों द्वारा की गई फायरिंग में दो सिपाहियों को भी गोली लगी थी।
बीते कई सालों से टिंकू कपाला पुलिस के मुसीबत बना हुआ था। ज्वैलरी शो-रूम में दिनदहाड़े लूट और कई अन्य बड़ी वारदातों को वह अंजाम दे चुका था। वही बताया जा रहा है कि पुलिस लगातार टीनू उर्फ़ कपाला के साथ-साथ उसके साथियों की तलाश में लगी हुई थी। वही टिंकू कपाला  को पकड़ने के लिए जहां एक तरफ पुलिस ने  कई टीमें लगा रखी थी तो वहीं दूसरी तरफ क्राइम ब्रांच से लेकर सर्विलांस की टीम तक टिंकू कपाला  को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही थी बतायाा जा रहा है कि टिंकू कपाला वह शातिर अपराधी था जिसनेे हत्याओं समिति लूट की घटनाओं को अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था जिसके बाद से लगातार पुलिस की कई टीमें टिंकू कपाला और उसके गिरोह के सदस्यों की तलाश कर रही थी। टिंकू कपाला के साथ एसटीएफ की मुठभेड़ में टिंकू की मौत हो गई वहीं पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है साथ ही बताया जा रहा है कि टिंकू कपाला के ऊपर इनाम भी था जिसको जल्द ही टिंकू कपाला के साथ मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों को देने की बात कही जा रही है।

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