भाजपा विधायक को पैरवी करना पड़ा महंगा, थाने में हुई जमकर कुटाई

अलीगढ / यूपी — उत्तर प्रदेश में भाजपा नेता अपराधियों के ही टारगेट पर नहीं है बल्कि पुलिस के भी सॉफ्ट टारगेट बन चुके है। यूपी के बागपत में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष संजय खोखर की गोलियों से भून कर हत्या करने की वारदात को 24 घण्टे भी नहीं बीते थे कि उत्तर प्रदेश के ही अलीगढ में एक भाजपा विधायक पर ही हमला हो गया। इस बार भाजपा विधायक के हमलावर आरोपी कोई अपराधी नहीं है बल्कि इनसे भी बड़े उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान है। प्रदेश पुलिस के वीर जवानों ने भाजपा विधायक की कही और नहीं बल्कि थाने के अंदर ही जमकर कुटाई कर दी। पुलिस के द्वारा कूटे और पीटे गए विधायक राजकुमार सहयोगी ने अपनी व्यथा बताई कि कैसे इनकी थाने के अंदर ही न सिर्फ कुटाई की गई है बल्कि बड़ी बेरहमी से इनके कपड़े भी नोचे गए।

आरोप के मुताबिक विधायक जी को घेर कर थाने में पिटाई की गई, उनके कपड़े फाड़े गए और उनकी इज्जत का कैसे जनाजा निकाला गया। थाने में प्रदेश पुलिस के जवानों ने इनके साथ और भी क्या-क्या हुआ अब ये तो विधायक जी बता सकते है। दरअसल अलीगढ में इगलास विधानसभा सीट से भाजपा विधायक राजकुमार सहयोगी विश्व हिंदू परिषद के एक कार्यकर्ता रोहित वार्ष्णेय के साथ दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने मारपीट की थी। इस मामले में थानाध्यक्ष गोंडा ने विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। इसी मामले की पैरवी करने के लिए खुद गोण्डा थाने पहुंच गए थे। शायद साहब को भाजपा विधायक होने का गुरुर था इस वजह से बेधड़क थाने में दाखिल हो गए और अपनी बात कहनी शुरू कर दी। इसी बीच बात ऐसी बढ़ी की इनको बाहर जाने से पहले ही पुलिस वाले इनपर टूट पड़े और उसके बाद क्या – क्या हुआ इनके साथ आप खुद ही इनकी जुबानी सुन चुके है। फिलहाल जब थाने से बाहर निकले तो राजकुमार सहयोगी का भाजपा विधायक होने का सारा गुरूर टूट चुका था। पुलिस की चंगुल से आजाद हुए तो विधायक ने पुलिस पर आरोपों की झड़ी लगा दी। विधायक की माने तो आकंठ भ्रस्टाचार में डूबे गोण्डा थाने के प्रभारी के अलावा देवेंद्र और विवेक नाम के पुलिस कर्मियों ने उनकी कुटाई की है।

भाजपा विधायक को पैरवी करना पड़ा महंगा, थाने में हुई जमकर कुटाई

अब सत्ता पार्टी के विधायक कूट दिए वो भी थाने के अंदर। मामले की भनक सहयोगियों को लगी तो एक – एक कर वो भी थाने पहुंचने लगे। इसी बीच भाजपा से जुड़े वरिष्ठ लोग और भाजपा सांसद सतीश गौतम पहुंचे तो जिले के बड़े अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। मामला जिलाधिकारी के भी संज्ञान में आ चुका। अब पिट चुके विधायक और आरोपी शूरवीर पुलिस के जवानों के बीच वरिष्ठ लोगों ने सुलह – समझौता कराने की कोशिश शुरू कर दी।

अब क्या होगा होगा ये तो जिले के बड़े अधिकारी और अलीगढ भाजपा के शीर्ष नेता ही जाने लेकिन सच्चाई तो यही है कि आरोपियों पर कार्रवाई भी अगर हो गई तो उस भाजपा विधायक के सम्मान का क्या होगा जिसके लिए उन्होंने इतनी कड़ी मेहनत के बाद इस सम्मान को पाया था। फिलहाल पुलिस अधिकारी अतुल श्रीवास्तव ने मामले में जाँच करने की बात कही है।

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