दुश्मन देशों के छक्के छुड़ायगा रोबो हेलमेट-वाराणसी की छात्रा ने किया कारनामा

देश के प्रधानमंत्री के आत्म निर्भर भारत के सपने को पूरा करने के लिए वाराणसी अशोका इंस्टिट्यूट की छात्रा अंजली ने देश के बॉर्डर ऐरिया में तैनात अपने जवानों की सुरक्षा के लिए एक ऐसा ( रोबो हेलमेट ) बनाया है जो दुश्मन पर गोलियाँ दाग सकती है इस हेलमेट को सर पे पहन्ने के साथ जमीन पर भी चलाया जा सकेगा ये ( रोबो हेलमेट ) पीछे से हमला करने वाले दुश्मनों से अपने जवानों को अलर्ट करता है lसाथ ही दुश्मन देशों के छक्के छुड़ायगा रोबो हेलमेट-वाराणसी की छात्रा ने किया कारनामा।

रोबो हेलमेट गन के पिछले हिस्से में लगे बैरल से फायर कर जवान अपना बचाव कर सकेंगे।

रोबो हेलमेट वायरलेस टेक्नोलॉजी से लैस इस हेलमेट का एक वायरलेस फायर ट्रिगर है। जो रेड़िओ फ्रिक्वेंसी की  मदद से हेलमेट में लगे बैरल से जुडा होता है l इस ट्रिगर को किसी भी तरह के राइफल गन के ट्रिगर के पास लगाया जा सकता है l अगर धोके से कोई दुश्मन पीछे से हमला करने की कोशिश करता है। तो हेलमेट जवान को अलर्ट कर देता है। जिससे समय रहते वायर लेश ट्रिगर की मदद से ( रोबो हेलमेट गन )के पिछले हिस्से में लगे बैरल से फायर कर जवान अपना बचाव कर सकेंगे।

हेलमेट में लगी गन की मारक छमता प्रोटोटाइप 100 मिटर के आसपास होगा l

इसके साथ ही इस वायरलेश रिमोट की मदत से इस रोबो हेलमेट को दुश्मन के ऐरिया में भी भेज कर गोली बारी की जासकती है l इस वजन काफ़ी हल्का है l ये हेलमेट (360 डिग्री) में चारों तरफ घूम कर दुश्मन को टार्गेट कर सकता है l इस रोबो हेलमेट का प्रोटोटाईप वाराणसी अशोका इंस्टिट्यूट के रिशर्च एन्ड डबलपमेन्ट डिपार्टमेंट में तैयार किया गया है l इसे शुरू करने का मारक छमता 50 मिटर के करीब है l हेलमेट में लगे गन की मारक छमता प्रोटोटाइप में 100 मिटर के आसपास होगा l वही इसे हेलमेट को बनाने में 15 दिन का समय लगा है l और सात से आठ हजार रूपये का खर्च आया।

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