रिपब्लिक टीवी पर मुंबई पुलिस का बड़ा खुलासा पैसे देकर खरीदा था टीआरपी-सुशांत सिंह मामले को ..

सुशांत सिंह
जनता के साथ धोखा करके और विज्ञापन कंपनियों को धोखा देते हुए रिपब्लिक टीवी समेत दो अन्य चैनलों पर टीआरपी खरीदने का आज मुंबई पुलिस ने खुलासा किया है। मुंबई पुलिस ने कहा कि उसने एक TRP रैकेट का भंडाफोड़ किया है। जो उन्हीं के खिलाफ फेक प्रोपगंडा चला रहा था। साथ ही साथ और टीआरपी का रैकेट गुपचुप तरीके से चलाया जा रहा था और पैसे देकर फॉल्स टीआरपी चलाने का इस गोरखधंधे का पुलिस में खुलासा करते हुए कहा कि इसी के साथ कई और भी तरीके के एजेंडा फाल्स टीआरपी गिरोह के द्वारा चलाया जाता था। जिसमें बताया गया है सुशांत सिंह राजपूत मामले का भी प्रोपगंडा चलाया गया था। वैसे बताया जा रहा है कि यह मामला सामने आने पर रिपब्लिक टीवी ने एक प्रेस नोट जारी करते हुए बताया है कि मुंबई पुलिस कमिश्नर रिपब्लिक टीवी पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। इसलिए वहां उनसे आधिकारिक रूप से माफी मांगे या तो फिर कोर्ट में सामने आए।

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TRP
मुंबई पुलिस ने बताया कि पकड़े गए पास टीआरपी रैकेट से जानकारी मिली है कि यह लोग रिपब्लिक टीवी समेत 3 चैनलों से पैसा लेकर उनकी टीआरपी को बढ़ाते थे। इन चैनलों की पुलिस गहराई से छानबीन कर रही है और इस मामले में TRP खरीदने को लेकर 2 चैनल मालिकों की गिरफ्तारी भी की गई है। मुंबई के पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह ने बताया कि फाल्स टीआरपी रैकेट द्वारा पुलिस के खिलाफ भी प्रोपेगेंडा चला कर उनको बदनाम किया जा रहा था। इसके साथ ही बताया गया कि फिल्म स्टार सुशांत सिंह राजपूत मामले को लेकर भी टीआरपी का बड़ा खेल हुआ। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली कि फॉल्स टीआरपी के जरिए पुलिस और कई अन्य मामलों के साथ सुशांत सिंह राजपूत मामले को फेक प्रोपगेंडा बना कर चलाया जा रहा था। जिसको लेकर क्राइम ब्रांच ने इस रैकेट का भंडाफोड़ किया है। लेकिन वहीं दूसरी तरफ फेक टीआरपी मामले में रिपब्लिक टीवी की तरफ से कहा गया कि पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह के खिलाफ रिपब्लिक टीवी ने सुशांत सिंह राजपूत केस मामले में कई ज्वलंत सील सवाल किए थे। जिसके चलते कमिश्नर उनके ऊपर गलत आरोप लगा रहे हैं जिसको लेकर वह कमिश्नर के ऊपर मानहानि का दावा भी करेंगे।

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BARC वह कंपनी है जो TRP को मॉनिटरिंग करने के लिए बनाई गई है और इन बैरोमीटर की निगरानी के लिए हंस नाम की कंपनी के साथ करार किया गया है। पुलिस ने बताया है कि इसी कंपनी ने और इसके कुछ कर्मचारियों ने मिलकर रिपब्लिक भारत और दो अन्य चैनलों के साथ इस के डाटा में छेड़छाड़ की है। पुलिस द्वारा एक टीआरपी गिरोह का पर्दाफाश करने के बाद सुशांत सिंह राजपूत मामले को भी प्रोपगंडा बनाकर चलाने वाले और पुलिस को बदनाम करने वाले दो चैनलों मालिकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिनके पास से बताया जा रहा है कि बीस लाख रुपए और बैंक से साढ़े आठ लाख मिले हैं। वही फेंक टीआरपी मामले में जहां एक और रिपब्लिक भारत का नाम आया है तो वहीं दूसरी तरफ जिन दो अन्य चैनलों का नाम सामने आ रहा है। उनका नाम फकत मराठी और बॉक्स सिनेमा है जो कि बताया जा रहा है कि छोटे चैनल है और इन्हीं के मालिकों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

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