शूटर किसान
  • सिंघु बॉर्डर-चार किसान नेताओं की करनी थी हत्या- पकड़ा गया शूटर-यह किसान नेता थे निशाने पर

  • 26 जनवरी ट्रैक्टर रैली-चार किसान नेताओ की हत्या की साजिश, पकड़ा गया शूटर-यह किसान थे निशाने पर

सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने एक शूटर को पकड़ा है उसने ऑन कैमरा कुबूल किया है कि उसे ऊपर से चार के साथ नेताओं को गोली मारने का आदेश मिला था।यही नहीं पकड़े गए शूटर ने बताया कि उसके गिरोह में 2 लड़कियां भी शामिल है। जिनका काम बवाल को खड़ा करना था ताकि किसान आंदोलन तितर-बितर हो सके। पकड़े गए शूटर ने बताया कि 26 जनवरी ट्रैक्टर रैली को देखते हुए यह प्लान बनाया गया था।23 जनवरी से 26 जनवरी के बीच चार बड़े किसान नेताओं को गोली मार कर हत्या का आदेश दिया गया था।

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किसान हत्या

सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने जहां एक शूटर को पकड़ा है तो वहीं उसने बताया कि राई थाने के एक पुलिस वाले ने उसको और उसके साथियों को चार बड़े किसान नेताओं की फोटो दी थी। जिनको गोली मारना था और गिरोह में शामिल महिलाओं का काम लोगों को भड़काना था। यही नहीं उसने बताया कि गोली चला कर उनका काम किसान आंदोलन को बदनाम करने का था। किसानों ने शूटर को पकड़कर मीडिया के सामने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की जिसमें शूटर ने अपना गुनाह कुबूल किया है।

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दिल्ली हरियाणा बॉर्डर पर पकड़े गए सूटर का नाम योगेश बताया जा रहा है जो कक्षा 9th पढ़ा हुआ है और वह सोनीपत का रहने वाला है। इसकी उम्र लगभग 19 साल बताई जा रही है। हरियाणा पुलिस उससे पूछताछ भी कर रही है बताया जा रहा है कि योगेश के फोन से जिन 4 किसान नेताओं के तस्वीरें मिली हैं उनके नाम बलबीर सिंह रजेवाल,बलदेव सिंह सिरसा, कुलदीप संधू और जगजीत सिंह है।

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शुक्रवार की रात किसानों ने शूटर को गलत गतिविधियों के चलते पकड़ा था और जब उससे पूछताछ की तो चौंकाने वाली बात किसानों के सामने आई जिसमें खुद पकड़े गए योगेश ने अपना जुर्म कबूला है। जिसके बाद किसान नेताओं ने बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मीडिया के सामने इस युवक को पेश किया और 26 जनवरी को होने वाले ट्रैक्टर मार्च में किसान नेताओं की हत्या की बात कुबूल की गई। दूसरी तरफ पुलिस पकड़े गए युवक के मोबाइल से लेकर उसके सोशल अकाउंट तक चेक कर रही है।

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पकड़े गए शूटर योगेश ने पुलिस के ऊपर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि उसके ग्रुप में 10 लोग हैं जिसमें कि 2 महिलाएं भी हैं और उनको हुकुम देने वाला एक पुलिस अफसर है। जो मुंह पर कपड़ा लपेटकर उनके सामने आता था और सोनीपत के राई थाने का बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस अधिकारी पकड़े गए शूटर द्वारा पुलिस पर लगाए गए आरोपों को खारिज कर रही है। उनका कहना है कि जिस थाने के पुलिस अधिकारी को शूटर के साथ मिला हुआ बताया जा रहा है उसका नाम विवेक मलिक है। जबकि पकड़ा गया युवक राई थाने के पुलिस अधिकारी का नाम प्रदीप बता रहा है।

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फिलहाल 26 जनवरी को होने वाले ट्रैक्टर मार्च को लेकर जिस तरीके से 4 किसान नेताओं की हत्या की बात सामने आई है और शूटर पकड़ा गया है। वह कहीं ना कहीं सवाल खड़ा कर रहा है। बरहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है और यह भी जांच रही है कि इस युवक के संपर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही योगेश के परिवार से भी और सदस्यों से भी पुलिस अधिकारी बातचीत कर रहे हैं।

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By shiraj

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