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  • ABP न्यूज़ के रिपोर्टर ने किसान मंच से दिया इस्तीफा- सच नहीं दिखाए जाने के कारण उठाया कदम-वीडियो वायरल

  • किसान महापंचायत मंच से ABP न्यूज़ के रिपोर्टर ने दिया इस्तीफा-बोले सच नही दिखाने दिया जा रहा-वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश: जहां एक तरफ देश में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी कि पत्रकारिता पर से लोगों का यकीन उठता जा रहा है। क्योंकि लगातार लोगों के सामने सच छुपाने की और सत्ताधारी की चाटुकारिता करने की न्यूज़ चैनलों द्वारा एक मुहिम शुरू कर दी गई हैं। जिसको देखते हुए और सच नही दिखाने के चलते शनिवार को मेरठ में हो रहे किसान महापंचायत के मंच पर चढ़कर ABP न्यूज़ के रिपोर्टर रक्षित सिंह ने इस्तीफा दे दिया है।

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रिपोर्टर

एबीपी न्यूज़ में काम करने वाले रिपोर्टर में अपनी नौकरी से इस्तीफा देते हुए कहा है कि उनको कृषि कानून के विरोध में धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों की खबरों को दिखाने की अनुमति नहीं दी जा रही थी और ना ही उनको स्वतंत्र रूप से सच्ची पत्रकारिता करने दिया जा रहा था जिसकी वजह से उन्होंने ऐसी नौकरी को लात मार दी।

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ABP न्यूज़ के रिपोर्टर द्वारा सच ना दिखाने के चलते किसान महापंचायत के मंच से खुलेआम अपने इस्तीफे की घोषणा करने की वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल भी हो रही है। यही नहीं शनिवार को रक्षित सिंह द्वारा एक ट्वीट करते हुए कहा गया कि मुझे राजनिति पसंद होती तो मैं भी रूहबिका बन जाता मैं भी मेरी नौकरी बचाने के लिये कश्यप की तरह नाम के पीछे आका की पहचान लगवा सकता था, लेकिन मेरा जमीर इतना गिरा हुआ नहीं हैं मित्र मुझे फिक्र हैं इस देश की, मुझे फिक्र है अन्नदाता की,

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रक्षित ने अपने ट्वीट में आगे कहा, “कल तक मैं झुठे आकाओं की आज्ञा का पालन करता था और सरकारी सम्राटों के सामने सर झुकाता था। लेकिन आज मैं सच के सामने घुटने टेक रहा हुँ , सत्यता का अनुसरण कर रहा हुँ, और इस देश के किसानों गरीबों, मजदूरों, विधार्थीयों के हक़ो के लिये दिन रात साथ खड़ा रहने का प्रण लेता हुँ।”

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एक और ट्वीट करते हुए उन्होंने कहा कि मैं रक्षित सिंह :-आज मेरे ऊपर भारी दवाब था कि @jayantrld की किसान पंचायत की समय से पहले वीडियो बनाकर फ्लॉप दिखाया जाएं।मीडिया चैनल के मालिक पूंजीपति है और पूंजीपतियों की सरकार है।किस तरह ईमानदार पत्रकारों को झूठ बोलने/दिखाने के लिए मजबूर किया जाता है

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आपको बताते चलें कि शनिवार को उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में स्थित भैंसा गांव में कृषि कानून के विरोध में और किसान आंदोलन के समर्थन में एक महापंचायत का आयोजन किया गया था। इस महापंचायत की कवरेज करने के लिए एबीपी हिंदी न्यूज़ चैनल के पत्रकार रक्षित सिंह भी पहुंचे थे। जहां पर उन्होंने महापंचायत के मंच पर पहुंचकर एबीपी न्यूज़ से इस्तीफा देते हुए कहा कि वह पत्रकारिता में लोगों को सच दिखाने आए थे और इस फील्ड में उन को 15 साल हो गए हैं। लेकिन ABP न्यूज़ द्वारा उनको सच नहीं दिखाने दिया जा रहा है जिसकी वजह से वह ऐसी नौकरी पर लात मार रहे हैं।

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महापंचायत

किसान महापंचायत में एबीपी न्यूज के रिपोर्टर द्वारा चैनल से इस्तीफा देने का जहां वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। तो वहीं इस वीडियो में किसान महापंचायत में शामिल सभी किसानों को संबोधित करते हुए रक्षित सिंह ने कहा कि उनके मां-बाप ने अपने खून और पसीने की कमाई से पढ़ाया और जिसके बाद मैंने पत्रकारिता पेशे को चुना। मैंने यह पेशा इसलिए चुना क्योंकि मुझे सच दिखाना था। लेकिन मुझे सच नहीं दिखाने दिया जा रहा है। इसलिए मैं ऐसी नौकरी पर लात मारता हूं।

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एबीपी न्यूज के रिपोर्टर रक्षक में किसान महापंचायत के मंच से इस बात का भी ऐलान किया कि उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ने का फैसला एकदम से या रातों-रात नहीं लिया है। बहुत सोच-विचार करते हुए उन्होंने यह कदम उठाया और अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि उनका सालाना वेतन 1200000 रुपए है और उनके पिता का देहांत हो चुका है। साथ ही उनके घर में मां पत्नी बच्चे समेत पूरे परिवार का दायित्व उनके ऊपर है और सिर्फ वही अकेले कमाने वाले हैं। लेकिन इतनी जिम्मेदारी होने के बाद भी उन्होंने सच का दामन नहीं छोड़ा और नौकरी से इस्तीफा दे दिया है।

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जहां एक तरफ लगातार पत्रकारिता पर अब लोगों का भरोसा उठता जा रहा है तो वही रक्षित सिंह जैसे पत्रकार पत्रकारिता को बचाने के लिए और सच का दामन बचाने के लिए अपनी नौकरी से इस्तीफा देते हुए भी नजर आ रहे हैं। यही नहीं रक्षित ने नौकरी से इस्तीफा देते हुए बड़े ही भावुक अंदाज में कहा कि अभी उनका बच्चा 4 साल का है लेकिन जब वह 20 साल का होगा और उनसे पूछेगा कि जब देश में अघोषित इमरजेंसी लगी थी तब बापू तू कहां खड़ा था तो कम से कम मैं अपना सीना ठोक कर यह कह सकूंगा कि मैं किसानों के साथ खड़ा था।

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By shiraj

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