सैफई
  • यूपी: आरक्षण ने बदले समीकरण-25 वर्षों बाद मुलायम परिवार से खाली हुई सैफ़ई ब्लॉक प्रमुख सीट

  • यूपी- सैफई मे 25 सालों बाद खाली हुई मुलायम परिवार से ब्लॉक प्रमुख की सीट-आरक्षण ने बदले समीकरण

आरक्षण प्रक्रिया ने बदली मुलायम के गाँव सैफई पंचायत चुनाव (ब्लॉक प्रमुख) की तस्वीर, पहली बार परिवार से बाहर का चुना जायेगा सदस्य, 1995 से लेकर अब तक 25 सालों से “सैफई ब्लॉक प्रमुख” सीट पर मुलायम के नाते-रिश्तेदार रहे है काबिज़, भाजपा सपा के नेताओ ने कहां पिछली सपा सरकार में आरक्षण प्रक्रिया को सही तरीके से नही अपनाया वही मुलायम के नाती पूर्व सांसद एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख सैफई तेज प्रताप यादव ने बात करते हुए कहां सैफई के विकास में ब्लॉक प्रमुख का मुख्य योगदान रहता है। हम आरक्षण प्रक्रिया सम्मान करते है इस बार भी सैफई से हमारी पार्टी ही जीत कर आएगी।

सैफई मुलायम

सपा संरक्षक एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के गांव सैफई जिसकी पहचान देश और विदेश में विकास के नाम पर होती है,सैफई गांव की तस्वीर मुंबई की तर्ज पर खड़ा करने के लिए ब्लाक प्रमुख का बड़ा योगदान है सैफई में ऐसी बड़ी बड़ी सुविधा है जो बड़े-बड़े शहरों में भी देखने को नहीं मिलती हैं। जैसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम अंतरराष्ट्रीय स्विमिंग पूल एस्ट्रो टर्फ हॉकी स्टेडियम सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय एवं सैफई के साफ-सुथरे लम्बी चौड़ी सड़कें, लेकिन जैसे जैसे 2017 के बाद प्रदेश में भाजपा सरकार आई सैफई का विकास थम सा गया।हालत तो यहां तक हो गई कि सपा सरकार में सैफई में बने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्वीमिंग पूल को सरकार ने अभी तक खेल संघों को हैंड ओवर भी नही किया है। जिससे इनके नाम के बोर्ड भी इनको नही मिल पा रहे है।
इसी बात का ज़िक्र करते हुए मुलायम के नाती तेज प्रताप यादव जो 2014 में मैनपुरी से सांसद रहे थे एवं 2010 में सैफई के ब्लॉक प्रमुख रहे थे ने बात करते हुए कहाँ कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने सैफई के लिए कोई बजट जारी नही किया है। वही जब उनसे पूछा गया कि पिछली सपा सरकारों में ब्लॉक प्रमुख पद के लिए आरक्षण क्यों नही किया तो इसका कोई जवाब नही मिल पाया। अब जबकि भाजपा ने नियम के तहत सपा परिवार के गाँव की सीट अनुसूचित जाति महिला के लिए रिजर्व कर दी है। तो इस प्रक्रिया का सम्मान करने की बात तेज प्रताप करते दिख रहे है, और दावा कर रहे है कि एक बार फिर से सैफ़ई ब्लॉक प्रमुख की सीट पर उनके परिवार का न सही उनकी पार्टी का कोई व्यक्ति ही चुन कर आयेगा।
ब्लॉक प्रमुख
हालांकि उनके इस दावे में दम भी दिखाई देती है क्योंकि मुलायम परिवार की तरफ सैफ़ई से जिस एससी को खड़ा कर दिया जायेगा वह आसानी से जीत कर आ जायेगा। क्योंकि सैफ़ई पंचायत से 55 बीडीसी सदस्य ब्लॉक प्रमुख चुनते है और इन 55 मे से सभी सपा के ही बीडीसी सदस्य होते है। सैफ़ई ब्लॉक 1995 में बना था। जहां से पहली बार नेता जी मुलायम सिंह के सबसे बड़े भाई रतन सिंह के बेटे रणवीर सिंह ब्लॉक प्रमुख बने। 5 साल बाद भी 2000 में रणवीर ही दोबारा नेताजी के इशारे पर ब्लॉक प्रमुख बने लेकिन 2002 में रणवीर सिंह की अचानक मौत हो जाने के बाद यह जिम्मेदारी नेताजी के बेहद करीबी चौधरी नत्थू सिंह के बेटे अरविंद को दी गई,
2005 में ब्लॉक प्रमुख की ज़िम्मेदारी मुलायम के छोटे भाई अभयराम के बेटे धर्मेंद्र यादव को दी गई। बदायूँ के सांसद बनने से पहले धर्मेंद्र यादव 2005 से 2010 तक ब्लॉक प्रमुख रहे , 2010 में यह जिम्मेदारी रणवीर सिंह के बेटे और मुलायम के पौत्र तेज प्रताप ब्लॉक प्रमुख रहे, 2014 में जब तेज प्रताप मैनपुरी से सांसद बनकर आये तब तेज प्रताप की माँ मृदुला यादव सैफ़ई की ब्लॉक प्रमुख रही, परिवार में कभी भतीजे , कभी नाती कभी बहु ब्लॉक प्रमुख बनते रहे। जहां जनपद में अन्य जगह पंचायत चुनाव में आरक्षण प्रक्रिया अपनाई जाती थी लेकिन सैफ़ई में आरक्षण प्रक्रिया की बात करने की हिम्मत कोई नही जुटा पाता था। लेकिन इस बार 2017 में प्रदेश में सरकार बनने के बाद ही यह तय माना जा रहा था कि सैफ़ई की परिवार की सीट इस बार परिसीमन में बदल दी जाएगी और ऐसा हुआ भी।

By shiraj

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *